हौंडा पावर पैक एनर्जी और OSM ने स्वैप बैटरी टेक्नोलॉजी के लिए मिलाया हाथ

हौंडा और OSM की पार्टनरशिप

हौंडा पॉवर पैक एनर्जी इंडिया (HEID) और ओमेगा सेवीकी मोबिलिटी (OSM) ने भारत में एक महत्वपूर्ण साझेदारी की घोषणा की है जिसके तहत स्वैपेबल बैटरी प्रौद्योगिकी का उपयोग किया जाएगा। इस साझेदारी के माध्यम से भारत की इलेक्ट्रिक मोबिलिटी बाजार को पर्यावरण-सजीव और लागत-कुशल आखिरी मील की परिवहन समाधानों की पेशकश करने की क्षमता मिलेगी।

क्या होगा इस साझेदारी से

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स्वैपेबल बैटरी स्टेशन

इस साझेदारी में, हौंडा पॉवर पैक एनर्जी इंडिया अपनी हौंडा e:swap सर्विस प्रदान करेगी। इस सर्विस के तहत ऑटो रिक्शा चालक डिस्चार्ज (खत्म) बैटरी को पूरी तरह से चार्ज की गई बैटरी से स्वैप कर सकते हैं, जो कि बैटरी स्टेशनों पर उपलब्ध होगी। इससे उनके लिए प्रारंभिक EV खरीद लागत कम हो जाती है, रेंज सीमाएं समाप्त हो जाती हैं, और बैटरी रिचार्ज के समय की कमी होती है।

Omega Seiki Mobility के आगामी EV तीन-पहिया वाहन Honda के बुद्धिमान स्वैपेबल बैटरी से लैस होंगे, जो उन्नत लिथियम-आयन तकनीक का उपयोग करेगी। Honda Power Pack Energy India ने यह भी घोषणा की है कि वह बैंगलोर में एक व्यापक बैटरी स्वैप नेटवर्क विकसित करना चाहता है, और फिर अन्य टियर 1 शहरों में विस्तार करना चाहता है।

OSM और हौंडा का लक्ष्य

Omega Seiki Mobility और Honda Power Pack Energy India का लक्ष्य भारत की इलेक्ट्रिक मोबिलिटी बाजार को बेहतर बनाने का है। स्वैपेबल बैटरी तकनीक के माध्यम से, वे EV अपनाने को बढ़ावा देना चाहते हैं और एक स्वच्छ और टिकाऊ भविष्य की ओर कदम बढ़ाना चाहते हैं, जिसमें समय, रेंज, लागत और पर्यावरण पर प्रभाव जैसी प्रमुख चिंताओं का समाधान होगा।

साझेदारी के लाभ

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स्वैपेबल बैटरी स्टेशन
  • तेजी से ईंधन भरना: ऑटो रिक्शा चालकों को कुछ ही मिनटों में बैटरी स्वैप करने की सुविधा मिलती है, जो रेंज चिंता को दूर करती है।
  • बढ़ा हुआ बैटरी जीवन: स्वैपेबल बैटरी को कम चार्ज चक्र में बदला जा सकता है, जिससे बैटरी की उम्र बढ़ सकती है।
  • लागत की दक्षता: स्वैपेबल बैटरी को बैटरी पैक के बजाय किराए पर लिया जा सकता है, जो EV खरीद पर लागत को कम कर सकता है।
  • पर्यावरणीय लाभ: स्वैपेबल बैटरी को चार्ज करने के लिए कम बिजली की आवश्यकता होती है, जो पर्यावरण के लिए फायदेमंद है।

भविष्य की योजना

HEID और OSM का लक्ष्य इस साझेदारी की दिशा निर्धारित करना है। उनका लक्ष्य है कि 2023 के अंत तक बैंगलोर में 1,000 बैटरी स्वैप स्टेशन स्थापित किए जाएं और 2025 तक 10,000 वाहनों में Honda e:swap तकनीक लागू की जाए। यह साझेदारी भारत की इलेक्ट्रिक मोबिलिटी बाजार को बेहतर बनाने में मददगार रहेगी, और स्वैपेबल बैटरी तकनीक को और भी लोकप्रिय बनाने में मदद करेगी।

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