जानिए क्यों भारत बाकी सभी देशो से इलेक्ट्रिक व्हीकल की क्रांति में सबसे आगे है

इलेक्ट्रिक व्हीकल क्रांति में भारत क्यों है सबसे आगे

भारत में अब इलेक्ट्रिक व्हीकल (EVs) सेक्टर में तेजी से वृद्धि हो रही है, और एक जरूरत है की हम प्रयास को बढ़ाएं और इलेक्ट्रिक मोबिलिटी की क्रांति को एक उच्च स्टार पर ले जाने की कोशिश करें। इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) को भारत में इतना तेजी से एडाप्ट किया जा रह है, की इसने आटोमोबाइल इंडस्ट्री को भी हैरानी में डाल दिया है। पिछले कुछ सालों में, भारत ने EVs के साथ काफी आगे बढ़ोतरी करी है।

जो सबसे महत्वपूर्ण बात है, उसका व्यापक रुप से प्रचलन है अलग-अलग प्रकार के व्हीकल सेगमेंट और प्रोडक्ट कैटेगरी में। चाहे वो ई-बाइक हो, ई-रिक्शा, इलेक्ट्रिक कार हो, या इलेक्ट्रिक लाइट और हेवी कमर्शियल व्हीकल्स (LCVs और HCVs), या फिर बस, EVs की मांग व्यावसायिक और व्यक्तिगत खरीदारों में बड़े व्यापार में बढ़ गई है। 2020-21 में कुल वेहिकल सेल्स में सिर्फ 1.3% का हिस्सा था, लेकिन EV कैटेगरी का अनुमान है की यह 2030 के एंट्री टाक 90% कंपाउंड एनुअल ग्रोथ रेट (CAGR) के साथ $150 बिलियन के आकलन मार्केट मूल्य टाक पहुँचेगा।

EV की वृद्धि में कई करणों ने अपना योगदान दिया है, लेकिन निन्मलिखित प्रमुख कारण ऐसे हैं, जो भारतीय मार्केट में EV की ग्रोथ को बढ़ने में सबसे अधिक महत्वपूर्ण साबित हो रहे हैं:

पालिसी समर्थन

FAME योजना
FAME योजना

भारतीय सरकार ने EVs के लोकप्रियता बढ़ने के लिए विभिन्न नीतियों और प्रकारियों के मध्यम से अपना योगदान दिखाया है। कुछ महत्वपूर्ण पहल हैं:

  • फास्टर एडोप्शन अंड मैनुफैक्चरिंग ओफ हाइब्रिड अंड इलेक्ट्रिक वेहिकल्स (FAME) योजना, जो EVs के खरीदने और चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर का विकास के लिए राशी प्रदान करती है।
  • नेशनल इलेक्ट्रिक मोबिलिटी मिशन प्लान (NEMMP) 2020, जिसका उद्देश्य EVs के विकास के लिए सहूलियत जन्म लेने और फोसिल फ्यूल्स के प्रति निर्भरता कम करने का है।
  • प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) योजना, जो EVs के लिए एडवांस बैटरी तकनीक और सामग्री की घरेलु निर्माण के लिए प्रशंस प्रदान करती है।
  • गुड्स अंड सर्विसेज टैक्स (GST ) घाटा, जिससे EVs पर लगा कर 28% से 5% और ईवी बैटरी पर लगा कर 18% से 5% कर दिया गया है।
  • आय कर छूट, जिससे व्यक्ति EV खरीदने के लिए लिए गये कर्ज पर छूट प्राप्त कर सकते हैं।
  • ये नीतियां EV उद्योग के लिए एक अनुकूल वातावरण बना दिया है, जिससे घरेलु और विदेशी खिलाड़ियों को आईएस क्षेत्र में निवेश करने और नए विचार लेन के लिए प्रवृत किया है।

नए विचार

ओला इलेक्ट्रिक
ओला इलेक्ट्रिक

भारत EVs के लिए नए विचारों का एक केंद्र है जहाँ कई स्टार्टअप और स्थापित कंपनियां अलग-अलग बाजार के अनेक क्षेत्रों के लिए कटीनाग सोल्यूशंस विकसित कर रही हैं। कुछ महत्वपूर्ण उदहारण हैं:

  • ओला इलेक्ट्रिक जो तमिल नाडु में दुनिया के सबसे बड़े दो-पहिये की कारीगर बना रही है जहाँ 10 मिलियन इलेक्ट्रिक स्कूटर हर वर्ष उत्पादित करने की क्षमता है।
  • अथेर एनर्जी जो भारत की पहली स्मार्ट इलेक्ट्रिक स्कूटर कंपनी है जो जोड़ने वाले गुणवत्ता तेज़ी से चार्ज करने का सुझाव और दूर से अपडेट करने की सुविधा प्रदान करती है।
  • रेवा इलेक्ट्रिक कार कंपनी जो भारत की पहली इलेक्ट्रिक कार मेकर है जो रेवा-iऔर महिंद्रा e2o जैसे प्रकांड मॉडलों के लिए जाने जाती है।
  • टाटा मोटर्स जो भारत की सबसे बड़ी ऑटोमोबाइल निर्माता है जो टाटा नेक्सॉन EV और टाटा टैगोर EV जैसे मूल्य समर और ऊँचा प्रदर्शन के इलेक्ट्रिक कारों का एक रेंज प्रस्तुत करती है।
  • sun मोबिलिटी जो इलेक्ट्रिक तीन-पहिये और बसों के लिए बैटरी स्वैपिंग समाधान प्रदान करने वाला है जो तेज़ी से और सस्ता पूंजीकरण करने में मदद करती है।

मॉडर्न टेक्नोलॉजीज

आज के मॉडर्न इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (EV) पुराने माडल के मुकाबले में टेक्नोलॉजी में बहुत आगे है। इनमें कुछ अहेम तरीके से सुधार हुआ है, जैसे की बड़े बैटरी, बेहतर मोटर्स, और बहुत अच्ची सेफ्टी फीचर। ये नए EVs स्टाइलिश और मॉडर्न दिखाते हैं, इनमे अंदर बड़ा स्पेस रहता है, और काफी आछे तरीके से काम करते हैं। और इसके अलावा, इनको चलाना और मैनटेन करवाना सस्ता है, इसिलिए भारत में लोग इन्हें ज्यादा खरीद रहे हैं।

एक अंदाजा देने के लिए, 2022 में भारत में 455,773 EVs बेची गई, जिसके करण देश में टोटल एक मिलियन से भी ज्यादा EVs बेची गई, और 2022 के एंट्री टाक 1,090,641 EVs बेची गई। इस बडी उपलब्धि से उम्मीद है की आगे इलेक्ट्रिक व्हीकल की इस बढ़ती डिमांड को देख, बाकि लोग भी अब इलेक्ट्रिक मोबिलिटी के तरफ पलायन करेंगे।

यह भी देखिए: जानिए कैसे इलेक्ट्रिक व्हीकल B2B व्यापर को फायदा पोहोंचा सकती है

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